देहरादून में प्रेम, सद्भावना और आस्था के प्रतीक श्री झंडेजी का शुक्रवार को भव्य आरोहण किया गया। इसके साथ ही झंडेजी मेला शुरू हो गया।
देहरादून में प्रेम, सद्भावना और आस्था के प्रतीक श्री झंडेजी का शुक्रवार को भव्य आरोहण किया गया। इसके साथ ही झंडेजी मेला शुरू हो गया। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार श्री दरबार साहिब और श्री झंडेजी मेला प्रबंधन कमेटी ने मेला दो दिन तक ही सीमित रखना तय किया है। रविवार को नगर परिक्रमा के बाद धार्मिक मेला संपन्न हो जाएगा।
दोपहर दो बजकर 10 मिनट पर श्रीगुरुराम राय दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज के सानिध्य में श्री झंडेजी का आरोहण किया गया। सुबह आठ बजे से श्रीझंडे जी को उतारा गया। इसके बाद सेवकों द्वारा दूध, दही, घी, मक्खन, गंगाजल से श्रीझंडे जी को स्नान कराया। 10 बजे से श्रीझंडे जी (पवित्र ध्वज दंड) पर गिलाफ चढ़ाने का काम शुरू हुआ। दोपहर 12 बजे से डेढ़ बजे के बीच झंडे जी का विधिवत आरोहण शुरू हुआ। दो बजकर 10 मिनट पर श्री दरबार साहिब के सज्जादानशीन महंत श्री देवेंद्र दास महाराज के सानिध्य में श्री झंडेजी का आरोहण हुआ। विभिन्न राज्यों के पहुंची संगत ने गुरु महाराज के जयकारे लगाए। इसके बाद संगत श्री महंत देवेंद्र दास महाराज का आशीर्वाद लेकर वापस लौटी।
चार अप्रैल को सूक्ष्म स्वरूप में नगर परिक्रमा होगी। इसके साथ ही मेला संपन्न हो जाएगा। श्री झंडेजी मेला आयोजन समिति के व्यवस्थापक केसी जुयाल ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में दोबारा तेजी से फैलते कोरोना के चलते एहतियातन कई कदम उठाए गए हैं। उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों से आने वाली संगतों को आरटी-पीसीआर निगेटिव रिपोर्ट लेकर आना अनिवार्य है। आरोहण स्थल पर भी सीमित संख्या में श्रद्धालुओं से आने की अपील की जा रही है। हालांकि, इस साल संगतों में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सालों के मुकाबले कम ही है।

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