उत्तराखंड सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए कांवड़ यात्रा को स्थगित कर दिया है। कोरोना संक्रमण के कारण कांवड़ यात्रा पर लगातार दूसरे साल रोक लगाई गई है।
उत्तराखंड सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए कांवड़ यात्रा को स्थगित कर दिया है। कोरोना संक्रमण के कारण कांवड़ यात्रा पर लगातार दूसरे साल रोक लगाई गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ यात्रा के संबंध में सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कोविड के डेल्टा प्लस वैरियेंट पाए जाने और कोविड की तीसरी लहर की आशंका व देश-विदेश में इसके दुष्प्रभावों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस संबंध में विशेषज्ञों की राय पर भी विचार किया गया। सीएम ने कहा कि मनुष्य के जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी कांवड़ यात्रा को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया।
प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी के मद्देनजर कांवड़ यात्रा पर रोक लगाने का निर्णय 30 जून को ले लिया था। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए थे। यात्रा पर रोक लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली व हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों से वार्ता भी हुई। इसके बाद प्रदेश सरकार में नेतृत्व परिवर्तन हो गया। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू करने की बात कही। कांवड़ यात्रा में कई राज्यों से श्रद्धालु गंगाजल लेने हरिद्वार आते हैं, इसलिए प्रदेश सरकार के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई।
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने सचिवालय में मुख्य सचिव एसएस संधू, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव गृह नितेश झा के साथ ही शासन और पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा को लेकर बैठक की। बैठक में अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा होने की सूरत में कोरोना संक्रमण के बढ़ने की आशंका जताई। साथ ही विशेषज्ञों व जनता की कांवड़ यात्रा को लेकर राय के बारे में भी अवगत कराया। सभी से विचार-विमर्श के बाद सरकार ने कांवड़ यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार जनता के जीवन से खिलवाड़ नहीं करेगी। कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने सभी से अपील की कि महामारी में कांवड़ यात्रा से बचें। उन्होने कहा कि भगवान भी नहीं चाहेंगे कि किसी की जान जाए।

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