उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें 11 बिंदुओं पर विचार किया गया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। नेतृत्व परिवर्तन के बाद यह दूसरी कैबिनेट बैठक रही, जिसमें 11 बिंदुओं पर विचार किया गया, जबकि तीन स्थगित हुए। इस दौरान फैसला लिया गया कि कोविड महामारी के कारण कई भर्ती परीक्षाएं नहीं हो पाई। ऐसे में सरकारी नौकरी के लिए अभ्यर्थियों को एक साल की छूट दी जाएगी।
भर्ती परिक्षाओं में एक साल की छूट
कैबिनेट में फैसला लिया गया कि कोविड-महामारी के कारण कई जगह भर्ती परीक्षा नहीं हो पा रही है। इसके तहत युवाओं को भर्तियों में एक साल की छूट दी जाएगी। यह फैसला 30 जून 2022 तक लागू होगा। जो पहले फॉर्म भर चुके हैं, उन्हीं अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिलेगा। लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत एवं लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर समूह-ग के पदों पर चयन में अभ्यर्थियों को एक वर्ष की छूट सीमा दी गई है।
कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय
- परिवहन विभाग को कर्मचारियों की तनख्वाह देने के का मामला कोर्ट में है। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया कि पूरे आंकड़ों के साथ अधिकारियों के साथ चर्चा करने के बाद निर्णय लेंगे।
- देहरादून महायोजना 2025 के तहत सभी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को दफ्तर निर्माण की छूट।
- 3 सरकारी मेडिकल कॉलेज के संचालन हेतु 501 पदों के सृजन का निर्णय लिया गया। 45 सुपर स्पेशलिस्ट के पदों के सृजन का निर्णय।
- लखवाड़ व्यासी परियोजना के लिए रेशम विभाग की जमीन को कैबिनेट ने वापस लेने का फैसला लिया।
- बागेश्वर बार एसोसिएशन को न्याय विभाग की जमीन देने का अनुमोदन किया गया।
- वन विभाग में कैम्पा योजना की वार्षिक रिपोर्ट कैबिनेट के समुख रखी गयी, कैबिनेट ने वार्षिक रिपोर्ट को दी मंजूरी।
- कोरोना महामारी के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्र सीमा खत्म होने वाले छात्रों के लिए अधिकतम 1 वर्ष की छूट दी गई।
- 4000 से कम आय वाले विकलांगों को अंतोदय योजना तथा 15000 से कम आय वाले विकलांग परिवारों को प्राथमिक खाद्यान्न योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया।

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