खुशखबरी : CM धामी ने पुलिस कर्मियों को दी 4600 ग्रेड पे की सौगात, ये घोषणाएं भी की, पढ़े

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस स्मृति दिवस परेड अवसर पर 2001 में भर्ती हुए सिपाहियों को 4600 ग्रेड पे की सौगात देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी लेने के बाद इस साल ड्यूटी पर शहीद हुए तीन पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया। 


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस स्मृति दिवस परेड अवसर पर 2001 में भर्ती हुए सिपाहियों को 4600 ग्रेड पे की सौगात देने की घोषणा की है। हालांकि, अभी अन्य प्रकरणों पर कैबिनेट की उपसमिति और वेतन विसंगति समिति काम कर रही है। इसके अलावा देहरादून में पुलिस संग्रहालय बनाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी लेने के बाद इस साल ड्यूटी पर शहीद हुए तीन पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया। 

पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज विश्व आतंकवाद और कोविड-19 की चुनौतियों से जूझ रहा है। इन चुनौतियों से लड़ने के लिए सुनियोजित रणनीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। देश की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की होती है। इसके लिए अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए इन्हें अपने प्राणों की आहुति भी देनी पड़ती है। 

बीते एक साल में राज्यों की पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 377 के कर्मचारी शहीद हुए हैं। इनमें से तीन पुलिसकर्मी उत्तराखंड के भी शामिल हैं। उत्तराखंड भौगोलिक व सामरिक महत्व के मद्देनजर बेहद संवेदनशील है। यहां अंतरराष्ट्रीय सीमाएं नेपाल और चीन के साथ मिलती हैं। इसके अलावा कई अन्य चुनौतियां जिनमें बड़े त्योहार, चारधाम यात्रा, आपदा, भूस्खलन, कांवड़ यात्रा आदि प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें आशा ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि उत्तराखंड पुलिस इन चुनौतियों का सामना करने में सफल होगी। स अवसर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों की ग्रेड पे की मांग को भी मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद करीब 1500 सिपाहियों को इसका लाभ मिलेगा। घोषणा के बाद पुलिसकर्मियों के परिजनों में भी उत्साह है।

ग्रेड पे मिलने की घोषणा पर सिपाहियों के परिजनों ने जताई खुशी 

2001 में भर्ती हुए सिपाहियों को 4600 ग्रेड पे मिलने की घोषणा के बाद उनके परिजनों ने पुलिस लाइन में ही खुशी जताई। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद भी दिया। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों ने अपने सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर खुशी का इजहार किया।  

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद बृहस्पतिवार शाम उत्तराखंड अधिकारी कार्मिक शिक्षक महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष दीपक जोशी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुलिस परिवारों की पीड़ा को समझा है। ऐसे में उन्होंने एक सकारात्मक दृष्टिकोण का परिचय दिया है। इधर, स्मृति दिवस परेड के बाद पुलिसकर्मियों के परिजन पुलिस लाइन में ही इकट्ठा हो गए थे। परिजनों का कहना था कि मुख्यमंत्री ने पीड़ा समझने के बाद ही महत्वपूर्ण फैसला लिया है।

अक्तूबर 2021 से मिलेगा लाभ 

बढ़े हुए ग्रेड पे का लाभ पुलिसकर्मियों को अक्तूबर 2021 से दिया जाएगा। इसका लाभ करीब 1500 पुलिसकर्मियों को ही मिल पाएगा। अभी 2002 में भर्ती हुए सिपाहियों के लिए कोई फैसला नहीं लिया गया है। उनकी भर्ती में भी करीब छह से सात महीने का ही अंतर था। ऐसे में अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि 2002 बैच के सिपाही भी अपनी इस मांग को दोहरा सकते हैं। हालांकि, अभी कैबिनेट की उपसमिति और वेतन विसंगति को लेकर बनी समिति सभी मामलों में विचार कर रही है। 

मुख्यमंत्री ने यह घोषणाएं भी की

- इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुरस्कार धनराशि में वृद्धि की जाएगी। 

- प्रदेश में शहीद पुलिसकर्मियों के नाम पर स्कूल व सड़कों का नामकरण किया जाएगा। 

- पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में अतिथि प्रशिक्षकों का मानदेय उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी नैनीताल के अतिथि शिक्षकों के अनुरूप किया जाएगा। 

- देहरादून में पुलिस संग्रहालय की स्थापना की जाएगी। 

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