हाईकोर्ट नैनीताल ने जिला पौड़ी गढ़वाल के बिजिनी बड़ी जाखड़ीधार में मानकों के विपरीत चल रहे स्टोन क्रशर के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।
हाईकोर्ट नैनीताल ने जिला पौड़ी गढ़वाल के बिजिनी बड़ी जाखड़ीधार में मानकों के विपरीत चल रहे स्टोन क्रशर के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने मामले को सुनने के बाद जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मौके का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट सात दिसम्बर को कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ मे कोर्ट ने मानव स्टोन क्रशर को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई आठ दिसम्बर नियत की है।
गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमुर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में बिजनी बड़ी निवासी राजेन्द्र सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें कहा है कि सरकार ने मानकों के विरुद्ध जाकर मानव स्टोन क्रशर को चलाने की अनुमति दी है। यह स्टोन क्रशर राजाजी नेशनल पार्क के दस किलोमीटर के भीतर चल रहा है। जबकि हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट ने इको सेंसटिव जॉन में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई है।
उसके बाद भी इसे चलाने की अनुमति दी गयी है ,जो नियम विरुद्ध है, इसे हटाया जाय या इसके चलन पर रोक लगाई जाए। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि स्टोन क्रशर के संचालन से पर्यावरण व जंगली जानवरों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। जंगली जानवर आबादी की तरफ आ रहे हम याचिका में राज्य सरकार, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिलाधिकारी पौड़ी व मानव स्टोन क्रशर को पक्षकार बनाया गया है।
0 Comments