केदारनाथ धाम का प्रसाद अब भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) प्रमाणित हो गया है। उत्तराखंड के चारों धाम में केदारनाथ पहला धाम है, जिसका प्रसाद (भोग) योजना के तहत प्रमाणीकरण हुआ है।
केदारनाथ धाम का प्रसाद अब भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) प्रमाणित हो गया है। उत्तराखंड के चारों धाम में केदारनाथ पहला धाम है, जिसका प्रसाद (भोग) योजना के तहत प्रमाणीकरण हुआ है। इसके अलावा हरिद्वार के चंडी देवी मंदिर और गीता कुटीर तपोवन के प्रसाद को भी एफएसएसएआई की मान्यता मिल गई है। बुधवार को खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने केदारनाथ धाम और चंडी देवी मंदिर के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
एफएसएसएआई की ओर से भगवान को पसंद स्वच्छ प्रसाद (भोग) अभियान के तहत प्रमुख मंदिरों के भोग (भंडारे का विशेष प्रसाद) को प्रमाणित किया जा रहा है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रसाद स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह सुरक्षित व स्वच्छ बन रहा है। इसमें किचन, गुणवत्तायुक्त सामग्री की उपलब्धता, उपयोग होने वाली सामग्री आदि देखी जाती है। इस मुहिम के तहत कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशिक्षित भी किया जाएगा। हर साल इसका भौतिक सत्यापन होगा। कोई कमी मिलने पर उसे दूर करने का समय दिया जाएगा। कमी दूर न होने पर प्रमाणपत्र रद हो जाएगा।
केदारनाथ, चंडी देवी मंदिर, गीता कुटीर के अलावा अलावा अब राज्य के अन्य मंदिरों में भी यह प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बताया गया कि बदरीनाथ मंदिर को भी प्रमाणीकरण के लिए सहमति मिल चुकी है। इसके लिए महान संत नीब करौरी महाराज के कैंची धाम आश्रम की ओर से भी प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।
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