उत्तराखंड : तीन लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा कवच, बड़े अस्पतालों में मिलेगा कैशलेस इलाज

उत्तराखंड के सरकारी, अर्द्ध सरकारी संस्थाओं, निगमों-उपक्रमों, निकायों, प्राधिकरणों के करीब तीन लाख कार्मिक और पेंशनर को अब बेहतर और उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का सुरक्षा कवच उपलब्ध हो गया है।


उत्तराखंड के सरकारी, अर्द्ध सरकारी संस्थाओं, निगमों-उपक्रमों, निकायों, प्राधिकरणों के करीब तीन लाख कार्मिक और पेंशनर को अब बेहतर और उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का सुरक्षा कवच उपलब्ध हो गया है। सभी प्रकार के रोगों के उपचार को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए गुरुवार को शासनादेश जारी हुआ। अटल आयुष्मान योजना से बाहर कर उन्हें राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (एसजीएचएस) से जोड़ा गया है। 

प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों की अटल आयुष्मान योजना से बाहर कैशलेस इलाज की व्यवस्था करने की मांग सरकार ने पूरी कर दी है। बृहस्पतिवार को सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। जिसमें कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों का कैशलेस सुविधा को अटल आयुष्मान योजना से अलग कर दिया गया है। कर्मचारियों व पेंशनरों को राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (एसजीएचएस) के तहत इलाज की सुविधा मिलेगी। साथ ही केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की दरों पर कैशलेस इलाज किया जाएगा। योजना का संचालन राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के माध्यम से किया जाएगा, लेकिन गोल्डन कार्ड और आईटी सिस्टम की व्यवस्था पहले की तरह लागू रहेगी।

सीजीएचएस दरों पर बड़े अस्पतालों का होगा पंजीकरण

योजना में कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए असीमित व्यय पर कैशलेस इलाज की सुविधा है। अब सरकार की ओर से सीजीएचएस दरें लागू करने से बड़े अस्पतालों का पंजीकरण किया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के माध्यम से सूचीबद्ध 2700 से अधिक अस्पतालों में इलाज कराने की सुविधा रहेगी। प्रदेश के बाहर गैर सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज कराने के लिए कर्मचारियों व पेंशनरों को सूचीबद्ध अस्पतालों से रेफर करने की व्यवस्था रहेगी, लेकिन इमरजेंसी में इलाज के लिए रेफर की शर्त नहीं रहेगी।

राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (एसजीएचएस) में सूचीबद्ध अस्पतालों और गैर सूचीबद्ध अस्पतालों में ओपीडी उपचार कराने पर कर्मचारियों व पेंशनरों को चिकित्सा बिलों की प्रतिपूर्ति सीजीएचएस दरों से की जाएगी। जिसमें परामर्श शुल्क, डायग्नोटिक्स, रेडियोलॉजी जांच और दवाईयों पर होने वाले व्यय का भुगतान कर्मचारी व पेंशन स्वयं करेंगे। जिसका भुगतान चिकित्सा प्रतिपूर्ति के रूप में किया जाएगा।

नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) के अधीन आने वाले कर्मचारियों का न्यूनतम 10 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने पर वार्षिक अंशदान देने पर योजना का कार्ड बनाया जाएगा। उनके लिए 10 साल का अंशदान एक साथ जमा करने पर योजना का लाभ लेने की सुविधा है। जबकि निगमों, बोर्डों, प्राधिकरणों के कर्मचारियों के लिए योजना लागू नहीं होने से उन्हें चिकित्सा बिलों की प्रतिपूर्ति से भुगतान किया जाएगा।

ये हैं सीजीएचएस की दरें       

श्रेणी                        बेड           रोज, रुपये में

वेतन स्तर 1 से 5          सामान्य          1000

वेतन स्तर 6                सेमी प्राइवेट      2000

वेतन स्तर 7 से 11         प्राइवेट            3000

वेतन स्तर 12 व अधिक     डीलक्स         4000

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