उत्तराखंड : सैन्यधाम पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, शहीदों के आंगन की मिट्टी पर अर्पित की पुष्पांजलि

उत्तराखंड में पांचवें धाम के रूप में बनने वाले सैन्यधाम के शिलान्यास को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह देहरादून पहुंचे। यहां उन्होंने शहीदों की मिट्टी पर पुष्पांजलि अर्पित की।


उत्तराखंड में पांचवें धाम के रूप में बनने वाले सैन्यधाम के शिलान्यास को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह देहरादून पहुंचे। यहां उन्होंने शहीदों की मिट्टी पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान शहीद सम्मान यात्रा का भी समापन होगा। रक्षा मंत्री गुनियाल गांव में सैन्यधाम के भूमि पूजन व शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने के साथ ही जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में 204 शहीदों के स्वजन व वीर नारियों को सम्मानित किया जाएगा। सैन्यधाम के मुख्य द्वार का नाम सीडीएस स्व. जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखने का निर्णय लिया गया है।

हम शहीदों का कर्ज कभी नहीं चुका सकते

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि केंद्र सरकार ने सैनिकों का मनोबाल बढ़ाने का काम किया है। सेना के सशक्तिकरण की रक्षामंत्री की जो दूरदृष्टि है, उसका आगे भी अनुसरण किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत को याद किया। कहा, उत्तराखंड से उन्हें गहरा लगाव था। उनके राज्य को लेकर कई सपने थे, जो अब राज्य सरकार पूरा करेगी। यह स्थान युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करेगा। कई पीढियां यहां शहीदों की वीर गाथा से रूबरू होती रहेगी।

सीएम धामी ने कहा कि सैनिकों का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सैन्य धाम को पूर्ण मनोयोग से बनाया जाएगा। सैनिकों का सम्मान ही हमारा सम्मान है। मोदी सरकार ने सेना को छूट दी है। आज गोली का जवाब गोली से दिया जाता है। सेना को सशक्त बनाया जा रहा है। हम शहीदों का कर्ज कभी नहीं चुका सकते।

सैन्यधाम एक एतिहासिक पहल

रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि देश शहीदों का ऋणी है। सैन्य धाम एक ऐतिहासिक पहल है। देश-दुनिया के लोग इसे देखने आएंगे। आज प्रधानमंत्री की अगुआई में देश एक मजबूत शक्ति बनकर उभरा है। जमीन पर, नभ और जल में दुश्मन भारत की तरफ आंख उठाकर नहीं देख सकता। हम रक्षा उत्पाद में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। सेना के साजोसामान निर्यात करने वाले टाप-25 में आ गए हैं।

लोग पांचवें धाम के भी करेंगे दर्शन

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा, देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना से सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। देश में हर पांचवां सैनिक उत्तराखंड से है। सेना में 17.5 प्रतिशत मैनपावर यहीं से है। सैनिकों के हित को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम में आम जनमानस का सहयोग मिल रहा है। सैन्यधाम ऐसा बनेगा कि लोग चारधाम की यात्रा को आएंगे तो इस पांचवें धाम के भी दर्शन करेंगे।

सैनिक कल्याण मंत्री ने बताया कि लगभग 50 बीघा भूमि पर सैन्यधाम को 63 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इसके प्रांगण में बाबा जसवंत सिंह और बाबा हरभजन सिंह का मंदिर भी बनाया जाएगा। इन दोनों वीर सैनिकों को सेना में भी पूजा जाता है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष के भीतर सैन्यधाम के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। सैन्यधाम में द्वितीय विश्वयुद्ध से लेकर अब तक प्रदेश के जितने भी सैनिक शहीद हुए हैं, सबके चित्र लगाए जाएंगे और उनके बारे में जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा धाम में लाइट एंड साउंड सिस्टम, टैंक, जहाज व अन्य सैन्य उपकरण भी रखे जाएंगे। उन्होंने बताया कि बुधवार को शहीद सम्मान यात्रा के समापन पर जनसभा का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि सैन्यधाम के निर्माण को लेकर आ रही अड़चन दूर हो गई है। सरकार ने इसके रास्ते में आ रही 8.5 बीघा भूमि को संबंधित व्यक्ति को अन्यत्र स्थान पर देने का निर्णय लिया है।

Post a Comment

0 Comments