अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र के सौला गांव निवासी भावना मेहरा सेना में लेफ्टिनेंट बनी हैं। बता दें कि एक सैन्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली भावना का परिवार वर्तमान में नैनीताल जिले के हल्दूचौड़ में रहता है।
उत्तराखंड: पहाड़ की होनहार बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। आए दिन राज्य की इन होनहार बेटियों की सफलताओं के बारे में हम आपको बताते रहते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको राज्य की एक और ऐसी ही होनहार बेटी से रूबरू कराने जा रहे हैं जो भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गई है।
अल्मोड़ा जिले की भावना मेहरा सेना में लेफ्टिनेंट बनी हैं। शनिवार को लखनऊ के आर्मी मेडिकल कॉर्प्स में आयोजित नर्सिंग कैडेट की कमीशनिंग सेरेमनी में भावना को लेफ्टिनेंट का रैंक दिया गया। लेफ्टिनेंट भावना मेहरा को बेस्ट क्लिनिकल नर्स चुना गया है। सेना में लेफ्टिनेंट बनने पर परिजन गद्गद हैं।
भावना मेहरा मूल रूप से रानीखेत के सौला गांव की रहने वाली हैं और वर्तमान में उनका परिवार हल्दूचौड़ में रहता है। उनके पिता राजेश मेहरा 16 कुमाऊं से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे और वर्तमान में हैड़ाखान विश्वधाम आश्रम में मैनेजर हैं। उनकी मां विमला मेहरा गृहणी हैं। ले. भावना मेहरा का कहना था, मेरे दादा नंदन मेहरा, पिता राजेश सिंह मेहरा सेना में थे। स्वाभाविक था कि मैं भी परिवार की परंपरा निभाते हुए सेना में जाती।'
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से राज्य के अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र के सौला गांव निवासी भावना मेहरा सेना में लेफ्टिनेंट बनी हैं। बता दें कि एक सैन्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली भावना का परिवार वर्तमान में नैनीताल जिले के हल्दूचौड़ में रहता है।
बताते चलें कि भावना के पिता राजेश मेहरा जहां भारतीय सेना की 16 कुमाऊं के रिटायर्ड सूबेदार है और वर्तमान में हैड़ाखान विश्वधाम आश्रम में मैनेजर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं वहीं उनकी मां विमला मेहरा एक कुशल गृहणी हैं। सबसे खास बात तो यह है की बीते शनिवार को लखनऊ के आर्मी मेडिकल कॉर्प्स में आयोजित नर्सिंग कैडेट की कमीशनिंग सेरेमनी में भावना मेहरा को बेस्ट क्लिनिकल नर्स चुना गया है। भावना की इस अभूतपूर्व उपलब्धि से में परिजन काफी खुश हैं और उनके घर पर भी बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

0 Comments