केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि हमें सभी के लिए टीकाकरण क्यों नहीं खोलना चाहिए। इस तरह के टीकाकरण अभियान के दो उद्देश्य हैं - कोरोना से मौतों को रोकना और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रक्षा करना।
राष्ट्रीय : सभी लोगों को टीकाकरण के सवाल पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि हमें सभी के लिए टीकाकरण क्यों नहीं खोलना चाहिए। इस तरह के टीकाकरण अभियान के दो उद्देश्य हैं - कोरोना से मौतों को रोकना और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रक्षा करना।
इसका उद्देश्य उन लोगों को वैक्सीन का उपलब्ध करना नहीं है जो इसे चाहते हैं, बल्कि जिन्हें इसकी ज्यादा आवश्यकता है। यानि जिन्हें कोरोना को लेकर ज्यादा जोखिम है, उन्हें टीका देना ज्यादा जरूरी है। सोमवार को देश में वैक्सीन के 43 लाख डोज लगाए गए, जिसके चलते हमने मंगलवार सुबह तक 8 करोड़ 31 लाख डोज लगाए हैं। यह अपने आप में रिकॉर्ड है।
Many people ask why shouldn't we open vaccination for all. There are two aims of such vaccination drives -- to prevent deaths & protect healthcare system. The aim is not to administer the vaccine to those who want it but to those who need it: Union Health Secy Rajesh Bhushan pic.twitter.com/FCqiW93qsG
— ANI (@ANI) April 6, 2021
केंद्र ने 45 साल से अधिक उम्र कर्मचारियों से टीका लेने को कहा
केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को प्रभावी तरीके से रोकने के उद्देश्य से 45 साल और इससे अधिक उम्र के अपने सभी कर्मचारियों को कोरोना रोधी टीका लगवाने के लिए कहा है। काíमक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कर्मचारियों को टीकाकरण के बाद भी कोरोना से बचाव के दिशा निर्देशों का पालन करने का सुझाव दिया गया है, जिसमें लगातार हाथ धोना, सेनेटाइजेशन, मास्क या फेस कवर पहनना और शारीरिक दूरी बनाए रखना शामिल हैं।
18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण हो
देश में कोरोना वायरस के तेज होते प्रसार को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण शुरू करने की अपील की है। प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में आइएमए ने कहा है कि 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को अपने पास के टीका केंद्र पर जाकर मुफ्त में टीका लगवाने की अनुमति दी जानी चाहिए। आइएमए ने निजी अस्पतालों के साथ ही छोटे-छोटे क्लीनिक को भी टीकाकरण अभियान में बड़े पैमाने पर शामिल करने का सुझाव दिया है।

0 Comments