कोटद्वार के विधायक हरक सिंह रावत एक बार फिर जगंलों में आग बुझाते हुए नजर आये। अब की बार ये नजारा दूब श्रीकोट में नजर आया। वन मंत्री इस दौरान अपनी धर्म पत्नी के साथ थे। वन मंत्री ने जैसे ही जगलों में आग देखी वे अपने वाहन से उतरे और आग को बुझाने लगे।
उत्तराखंड : केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए एमआई 70 हेलीकॉप्टर के रेस्क्यू अभियान चलाने के बाद भी उत्तराखंड के जंगलों की आग नहीं बुझ रही है। आपको बता दें, प्रदेश के जंगलों में लगी आग भीषण रूप लेने लगी है। इस आग से वन्य जीवों का जीवन खतरे में पड़ गया है। कई लोगों की जान भी गई है। जंगल की आग पर काबू पाने के लिए हजारों वनकर्मियों की मदद ली जा रही है।
जानकारी मुताबिक़, कोटद्वार के विधायक व वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत खुद फील्ड में हैं और जंगल की आग बुझाने में मदद भी कर रहे हैं। बीते गुरुवार को कोटद्वार से लौटते समय वन मंत्री हरक सिंह रावत अपनी धर्म पत्नी के साथ दूब श्रीकोट में आग बुझाते हुए एक बार फिर नजर आये।
कोटद्वार के विधायक हरक सिंह रावत एक बार फिर जगंलों में आग बुझाते हुए नजर आये। अब की बार ये नजारा दूब श्रीकोट में नजर आया। वन मंत्री इस दौरान अपनी धर्म पत्नी के साथ थे। वन मंत्री ने जैसे ही जगलों में आग देखी वे अपने वाहन से उतरे और आग को बुझाने लगे।
सूत्रों के अनुसार बता दें, एक लोकल न्यूज़ पोर्टल ने बताया कि जंगल में लगी आग इतनी विकराल हो चुकी थी कि बाद में फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ी। तब कहीं जाकर आग पर काबू पाया जा सका। उत्तराखंड में पिछले कई महीनों से जंगल धधक रहे हैं। बीते दिनों बारिश-तूफान की वजह से जंगल में आग लगने की घटनाओं में कमी आई थी, लेकिन गुरुवार को एक बार फिर जंगलों में वनाग्नि भड़क गई। इस दौरान वनाग्नि के करीब 90 मामले सामने आए, जिसमें 133 हेक्टेयर जंगल जल गया।
वन विभाग की तरफ से जारी फायर बुलेटिन के मुताबिक गुरुवार को गढ़वाल मंडल में 44 और कुमाऊं मंडल में 32 मामले रिपोर्ट किए गए। इसके लिए उत्तराखंड में सर्दियों के दौरान कम बारिश और बर्फबारी को जिम्मेदार बताया जा रहा है।
देखें वीडियो

0 Comments