कोटद्वार : नेगेटिव रिपोर्ट जांचने के कारण कौड़िया बॉर्डर पर लग रहा जाम, स्थानीय निवासी परेशान

कोटद्वार के यूपी- यूके कौड़िया बॉर्डर पर आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट जांचने के कारण लग रहे जाम से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते रविवार को कौड़िया बॉर्डर पर चार घंटे जाम लगा रहा, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।


कोटद्वार के यूपी- यूके कौड़िया बॉर्डर पर आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट जांचने के कारण लग रहे जाम से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते रविवार को कौड़िया बॉर्डर पर चार घंटे जाम लगा रहा, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 

कोरोना संक्रमण के चलते देहरादून और मसूरी में सख़्ती के बाद पर्यटक अब कोटद्वार, लैंसडाउन और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। रविवार को वीकेंड के चलते सुबह से ही कौड़िया बॉर्डर में पर्यटकों की भीड़ जमी रही। पुलिसकर्मियों के बाहरी राज्यों के वाहनों के आरटीपीसीआर जांच करने के कारण करीब चार घंटे तक हाइवे जाम रहा। इस दौरान स्थानीय निवासियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

रोज की तरह ही रविवार सुबह भी यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर कौड़िया पर पुलिसकर्मी अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की जांच कर रहे थे। कोटद्वार के वाहनों को सीधा शहर में प्रवेश दिया जा रहा था। करीब आठ बजे अचानक यूपी, दिल्ली और हरियाणा नंबर के वाहनों की तादाद बढ़ गई। 

पुलिसकर्मी एक-एक कर वाहनों में बैठे लोगों की rt-pcr नेगेटिव रिपोर्ट की जांच में जुट गए। लेकिन तब तक हाईवे पर करीब 4 किमी तक भारी जाम लग गया। बाहरी राज्यों के वाहनों के लिए अलग से लाइन की व्यवस्था नहीं होने के कारण जाम में कोटद्वार के लोगों के वाहन और शहर में आने वाली रोडवेज की बसें भी फंस गई। लोग 2 घंटे तक बस में जाम खुलने का इंतजार करते रहे। कई लोग तीन किमी पैदल ही चलकर कोटद्वार पहुंचे। निजी वाहनों के अंदर बैठे स्थानीय लोग चार घंटे जाम में परेशान रहे। 

प्रशासन की व्यवस्था पर भड़के स्थानीय लोग

कोटद्वार के कौड़िया बॉर्डर पर नेगेटिव रिपोर्ट की जांच करने के दौरान स्थानीय लोग खासे परेशान रहे। उन्होंने कहा कि अन्य राज्य के वाहनों की चेकिंग के लिए अलग से लाइन लगनी चाहिए। पुलिस की चेकिंग के चलते लोग 4 घंटे से जाम में फंसे हुए हैं और बच्चे भूखे प्यासे वाहनों में फंसे हुए हैं। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को छूट दी है, लेकिन रोडवेज की बसों में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं देखी जा रही है। चेकिंग के लिए पुलिस की ओर से स्थानीय निवासियों के लिए अलग से लाइन न होने के कारण पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मात्र निजी वाहनों की चेकिंग कर प्रशासन खानापूर्ति कर लोगों को परेशान कर रहा है।

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