उत्तराखंड : धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में इसाई दंपती गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला

रामनगर के बैड़ाझाल गांव में धर्म परिवर्तन का मामला सामने आने पर हिंदूवादी संगठन व ग्रामीण भड़क गए। मामले को तूल पकड़ा देखकर पुलिस ने आरोपित इसाई दंपती पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।


रामनगर के बैड़ाझाल गांव में धर्म परिवर्तन का मामला सामने आने पर हिंदूवादी संगठन व ग्रामीण भड़क गए। मामले को तूल पकड़ा देखकर पुलिस ने आरोपित इसाई दंपती पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है इसाई दंपती गरीबों और वंचितों को अपने जाल में फंसाकर रुपए, पैसे का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराते थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

शनिवार को बैड़ाझाल गांव में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं व ग्राम प्रधान आमिर हुसैन को एक घर में किराए पर रह रहे ईसाई दंपत्ति द्वारा धर्म परिवर्तन कराए जाने की सूचना मिली। कार्यकर्ता इसाई दंपती के घर पहुंचे तो कमरे में मौजूद ईसाई धर्म से जुड़ी चीजें देखकर भड़क गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। लोगों ने आरोप लगाया कि दंपती एसटी समुदाय व निर्धन वर्ग के लोगों को अपने जाल में फंसा कर उनका धर्म परिवर्तन कराते हैं। पिछले छह महीने से सुबह व शाम को उनके घर में लोग आते रहते हैं। वह यीशू के समक्ष प्रार्थना कराके प्रलोभन देते हैं।

पूछताछ में आरोपित ने पुलिस को अपना नाम नरेंद्र सिंह बिष्ट व पत्नी का नाम तृप्ति बिष्ट बताया। पुलिस दंपत्ति को अपने साथ कोतवाली ले आई। कोतवाली में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता वीरेंद्र अधिकारी, दीपक धनकी, संजय सुयाल, यशपाल अरेड़ा, मोहन पटवाल ने कोतवाली में आरोपित दंपत्ति के खिलाफ तहरीर दी। कोतवाल आशुतोष सिंह ने बताया कि आरोपित दंपत्ति के खिलाफ उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया है।

हिंदू दंपत्ति ने पूर्व में अपना लिया ईसाई धर्म

पुलिस की जांच में पता चला कि दंपती बिना सत्यापन के बैड़ाझाल गांव में रह रहे थे। आरोपित दंपत्ति हिंदू हैं। उनके द्वारा पूर्व में ईसाई धर्म को अपना लिया गया था। कोतवाल ने बताया कि सत्यापन नहीं कराने पर मकान मालिक का भी पुलिस एक्ट में चालान किया जाएगा।

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