वर्ष 2017 में देहरादून के लालतप्पड़ क्षेत्र स्थित गंगोत्री चैरिटेबल अस्पताल में सामने आए किडनी की खरीद-फरोख्त और प्रत्यारोपण कांड में फरार 20 हजार का इनामी अक्षय राऊत को रायवाला थाना पुलिस ने चार साल बाद असम से गिरफ्तार कर लिया है।
वर्ष 2017 में देहरादून के लालतप्पड़ क्षेत्र स्थित गंगोत्री चैरिटेबल अस्पताल में सामने आए किडनी की खरीद-फरोख्त और प्रत्यारोपण कांड में फरार 20 हजार का इनामी अक्षय राऊत को रायवाला थाना पुलिस ने चार साल बाद असम से गिरफ्तार कर लिया है। अक्षय राउत 20 हजार रुपये का ईनामी आरोपी था। अक्षय के पिता और किडनी कांड का सरगना अमित राउत इसी मामले में पहले से ही देहरादून की सुद्धोवाला जेल में बंद है। इस मामले को उस समय लालतप्पड़ चौकी प्रभारी भुवन पुजारी ने पकड़ा था। आरोपी अस्पताल की आड़ में लोगों को लालच देकर किडनी निकाल लेते थे। सामने आया था कि अस्पताल में अवैध रूप से अमीरों का किडनी प्रत्यारोपण कराया जाता था।
चिकित्सक दंपती पहले ही हो चुके गिरफ्तार
इस मामले में आरोपी डॉ.संजय और उसकी पत्नी डॉ.सुषमा पहले ही साल 2017 में गिरफ्तार हो चुके हैं। उस वक्त पुलिस ने अक्षय के पिता अमित राउत समेत करीब 12 लोगों को गिरफ्तार किया था। अक्षय राउत तभी से फरार चल रहा था। सामने आया था कि बिहार के इस दंपती ने नेपाल से एमडी की डिग्री ली थी।
अस्पताल की आड़ में जब किडनी निकालने और ट्रांसप्लांट करने के खेल का भंडाफोड़ किया था। तब मौके पर तीन लोग मिले थे, जिनमें से एक की किडनी निकाली जा चुकी थी। डॉ.संजय ने बताया था कि किडनी की खरीद-फरोख्त के सरगना डॉ.अमित से उसकी मुलाकात 2017 में ही हुई थी। उसके बुलावे पर वो पत्नी डॉ.सुषमा के साथ दो बार ही अस्पताल आया था। इस दौरान पति-पत्नी ने आठ ऑपरेशन में हिस्सा लिया था।
देश-विदेश में फैला था जाल
डा. अमित राऊत और डा. अक्षय राऊत का जाल सिर्फ अपने देश में ही नहीं, विदेश में भी फैला हुआ था। पुलिस जांच में मालूम चला था कि टूरिस्ट वीजा पर विदेशी लोग यहां बुलाए जाते थे और किडनी प्रत्यारोपण किया जाता था। बाप-बेटे मिलकर दून ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम, पंचकूला में भी किडनी प्रत्यारोपण का अवैध काम कर चुके थे।डीआइजी ने बताया कि आरोपित अक्षय राउत बंगलूरू, पुणे, असम, कोयंबटूर, कोलकाता आदि शहरों में नाम बदलकर अस्पतालों में प्रैक्टिस करता था।
सैकड़ों व्यक्तियों की निकाली किडनी
रायवाला के थानाध्यक्ष भुवनचंद्र पुजारी ने बताया कि डा. अमित राऊत पहले मुंबई में किडनी निकालने का काम करता था। इसके बाद दिल्ली-गुरुग्राम में यह काम शुरू किया था। राजफाश होने के बाद उसने देहरादून के नजदीक एक अस्पताल में किडनी निकालने का काम शुरू कर दिया था। वह 70 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक में किडनी बेचता था।
0 Comments