नैनीताल में उत्तराखंड का पहला एस्ट्रो विलेज बनने जा रहा है, जिससे पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। एस्ट्रो विलेज का आकर्षक डिजाइन बनकर तैयार है। छह माह में काम पूरा होते ही इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
नैनीताल में उत्तराखंड का पहला एस्ट्रो विलेज बनने जा रहा है, जिससे पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। नैनीताल से सटे गांधी ग्राम ताकुला में निर्माणाधीन एस्ट्रो विलेज राज्य का पहला स्टार गेजिंग सेंटर होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार का नया माध्यम भी बनेगा। एस्ट्रो विलेज का आकर्षक डिजाइन बनकर तैयार है। छह माह में काम पूरा होते ही इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। डीएम धीराज सिंह गर्बयाल ने बताया कि स्टार गेजिंग की संभावनाएं देश के चुनिंदा राज्यों में ही हैं, जिनमें उत्तराखंड विशेष स्थान रखता है। नगर से मात्र पांच किमी की दूरी पर बनाए जा रहे एस्ट्रो विलेज में काटेज शीशे व लकड़ी से तैयार किए जा रहे हैं।
कमरे के भीतर से तारों व नक्षत्रों को देखने का लिया जा सकेगा आनंद
इसकी छत भी शीशे की होगी, जिससे कमरे के भीतर से तारों व नक्षत्रों को देखने का आनंद लिया जा सकेगा। यह स्थान खुले आसमान के नीचे प्रदूषण से मुक्त है। इससे अंधेरी रातों में हजारों तारों के साथ ग्रह-नक्षत्रों को बिना व्यवधान के निहारा जा सकता है। यहां शीत ऋतु में विंटर लाइन का तो मानसून काल में रंग बिरंगे बादलों का आनंद लिया जा सकेगा। इसपर करीब 2.48 करोड़ की लागत आएगी। इन दिनों काटेज निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। यहां पर्यटकों को खगोलीय दुनिया की जानकारी देने के लिए अत्याधुनिक दूरबीन भी स्थापित की जाएगी।
स्थानीय युवक करेंगे संचालन
एस्ट्रो विलेज का संचालन स्थानीय युवक ही करेंगे। इसके लिए टीम तैयार की जा रही है। प्रशिक्षण देकर स्टार गेजिंग के लिए तैयार किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी सृजन होगा। माडल के रूप में स्थापित होगा सेंटर डीएम धीराज सिंह गब्र्याल ने बताया कि जनपद समेत राज्य में एस्ट्रो टूरिज्म की शुरुआत करने के लिए यह केंद्र एक माडल के रूप में स्थापित किया जा रहा है। इससे भविष्य में निजी स्तर पर भी पर्यटन व्यवसायी इसे अपना सकेंगे। इससे एस्ट्रो टूरिज्म के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। इसके संचालन में आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) का सहयोग लिया जाएगा।
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