आइएमए की पासिंग आउट परेड में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत को याद किया। उन्होंने कहा कि हमारा झंडा हमेशा ऊंचा रहेगा, क्योंकि दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत जैसे बहादुर, यहीं से प्रशिक्षित हुए थे।
भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में अंतिम पग भरते ही 319 नौजवान भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। इसके साथ ही 68 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए। राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने परेड की सलामी ली। आइएमए की पासिंग आउट परेड में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत को याद किया। उन्होंने कहा कि हमारा झंडा हमेशा ऊंचा रहेगा, क्योंकि दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत जैसे बहादुर, यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। हम हमेशा इसके सम्मान की करेंगे। राष्ट्रपति बोले, मुझे 387 जेंटलमैन कैडेटों को देखकर खुशी हो रही है, जो जल्द ही अपनी वीरता और ज्ञान की यात्रा पर निकलेंगे। अफगानिस्तान, भूटान, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका, ताजिकिस्तान, तंजानिया, तुरमेकिनिस्तान और वियतनाम के मित्रवत विदेशी देशों के जेंटलमैन कैडेट होने पर भारत को गर्व है।
सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर मार्कर्स काल के साथ परेड का आगाज हुआ। कंपनी सार्जेंट मेजर प्रफुल्ल शर्मा, धनंजय शर्मा, अमित यादव, जय मेरवाड़, आश्य ठाकुर, प्रद्युमन शर्मा, आदित्य जानेकर और कर्मवीर सिंह ने ड्रिल स्क्वायर पर अपनी-अपनी जगह ली। आठ बजकर 55 मिनट पर एडवांस काल के साथ ही छाती ताने देश के भावी कर्णधार असीम हिम्मत और हौसले के साथ कदम बढाते परेड के लिए पहुंचे। इसके बाद परेड कमांडर अनमोल गुरुंग ने ड्रिल स्क्वायर पर जगह ली। कैडेट्स के शानदार मार्चपास्ट से दर्शक दीर्घा में बैठा हर एक शख्स मंत्रमुग्ध हो गया।
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