प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। कांग्रेस को एक बार फिर अपनी चुनावी रणनीति बदलने को मजबूर होना पड़ रहा है। पीएम मोदी के दौरे और आक्रामक तेवर ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। कांग्रेस को एक बार फिर अपनी चुनावी रणनीति बदलने को मजबूर होना पड़ रहा है। पीएम मोदी के दौरे और आक्रामक तेवर ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। भाजपा को बैकफुट में धकेलने की कोशिश में जुटा प्रमुख विपक्षी दल अब मुद्दों की नई सूची तैयार कर रहा है। बता दें कि पिछले दो महीनों में यह पीएम मोदी का तीसरा दौरा है जिससे प्रमुख विपक्षी दल अपनी रणनीति को बदलने में मजबूर हो रहा है।
प्रदेश में तीन मुख्यमंत्रियों और सरकार की खामियों को निशाना पर लेते हुए कांग्रेस ने जोश के साथ बीते सितंबर माह से परिवर्तन यात्रा प्रारंभ की थी। इसके दो चरण पूरे कर चुकी पार्टी की तीसरे चरण की रणनीति गड़बड़ाने की बड़ी वजह मोदी ही बने। प्रधानमंत्री मोदी का सितंबर माह में ऋषिकेश दौरा और फिर बीती पांच अक्टूबर को केदारनाथ दौरा कांग्रेस को उसका चुनावी कार्यक्रम बदलने को विवश कर चुका है। मोदी के केदारनाथ दौरे की काट के तौर पर कांग्रेस ने राज्य के सभी जिलों में शिव मंदिरों में जलाभिषेक के कार्यक्रम किए।
अब मोदी ने राज्य में चुनावी शंखनाद कर दिया है। यही नहीं उन्होंने जिस तरीके से बगैर नाम लिए कांग्रेस को निशाने पर लिया, उसकी काट तलाश की जा रही है। मोदी के आक्रामक रुख को देखते हुए पार्टी चुनावी मुद्दों को नई धार देनी पड़ रही है। राज्य से जुड़े मुद्दों को नए तेवर के साथ भाजपा सरकार की मुश्किलें बढ़ाने की रणनीति तैयार की जा रही है। जवाबी प्रहार के लिए कांग्रेस का वार रूम सक्रिय हो गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष हरीश रावत मोदी के प्रभाव को आंककर ही उत्तराखंडियत की अपनी रणनीति को आकार दे रहे हैं। अब कांग्रेस के चुनाव घोषणापत्र में भी इन मुद्दों को ज्यादा जगह मिलती नजर आ सकती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि मोदी के दौरे से प्रदेश सरकार की खामियां छिपाई नहीं जा सकती। कांग्रेस केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर प्रहार जारी रखेगी।
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