सियाचिन ग्लेशियर: पैट्रोलिंग के दौरान उत्तराखंड का लाल शहीद, आज पहुंचेगा पार्थिव शरीर

सियाचिन ग्लेशियर में लैंड स्लाइडिंग होने से कान्हरवाला निवासी 325 लाइट एडी हवलदार जगेंद्र सिंह चौहान शहीद हो गए। शहीद का पार्थिव शरीर 23 फरवरी तक पहुंचने की उम्मीद है। 



उत्तराखंड : सियाचिन ग्लेशियर में लैंड स्लाइडिंग होने से कान्हरवाला निवासी 325 लाइट एडी हवलदार जगेंद्र सिंह चौहान शहीद हो गए। शहीद का पार्थिव शरीर 23 फरवरी तक पहुंचने की उम्मीद है। जगेंद्र सिंह के शहीद होने की सूचना मिलते ही गांव में शोक का माहौल है।

जानकारी मुताबिक, 25 फरवरी को जिस जवान को अपने घर, अपनों के पास आना था, उससे दो दिन पहले ही उसका पार्थिव शरीर उसके अपनों के पास पहुंच रहा है। सियाचिन में पैट्रोलिंग के दौरान पैर फिसलने से हुए एक हादसे में 325 लाइट ए.डी. बटालियन के 35 वर्षीय हवलदार जगेंद्र सिंह चौहान ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। डोईवाला, देहरादून के ग्राम कान्हरवाला निवासी जगेंद्र सिंह चौहान 25 तारीख को देहरादून स्थित आवास पर आने वाले थे, लेकिन बुधवार को उनका पार्थिव शरीर घर पहुंच रहा है।

मूल रूप से बंसवाली 30 और ब्लॉक टिहरी गढ़वाल के रहने वाले जगेंद्र सिंह चौहान 2007 से कन्हरवाला भणियावाला में रह रहे थे। सियाचिन में पैट्रोलिंग के दौरान लैंडस्लाइड होने से जगेंद्र शहीद हो गए। 4 साल पहले ही जगेंद्र की शादी हुई थी। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। लोग अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए शहीद के आवास पर पहुंच रहे हैं। बुधवार को उनका पार्थिव शरीर घर लाया जाएगा। इस खबर से परिवार के कई लोगों की हालत खराब बताई जा रही है।

इधर, जगेंद्र के शहीद हो जाने पर राजनेताओं ने भी पहाड़ के लाल को नमन किया। आम आदमी पार्टी के सीएम कैंडिडेट रिटायर्ड कर्नल अजय कोठियाल ने संवेदनाएं व्यक्त कीं, तो पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी जगेंद्र को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने ट्विटर पर जगेंद्र के शहीद होने की सूचना साझा करते हुए उनके बलिदान पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

इधर, अचानक हादसे में जगेंद्र के सिधारने​ की खबर मिलने के बाद से ही उनकी पत्नी और मां बेसुध हैं। परिवार को ढांढ़स बंधाने के लिए पड़ोस के लोग भी उनके घर पहुंच रहे हैं। 4 साल पहले ही शादी के बंधन में बंधे जगेंद्र सिंह 25 तारीख को छुट्टियों पर घर आ रहे थे लेकिन बुधवार को तिरंगे में लिपटकर अपने घर आएंगे।

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