उत्तराखंड : किलपुरा रेंज के जंगल में खून से लथपथ मिला टस्कर का शव, वन विभाग में मचा हड़कंप

ऊधम सिंह नगर के किलपुरा रेंज के जंगल में आपसी संघर्ष में टस्कर हाथी की मौत हो गई। उसका शव खून से लथपथ अवस्था में मिला। जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया। 


उत्तराखंड  : ऊधम सिंह नगर के किलपुरा रेंज के जंगल में आपसी संघर्ष में टस्कर हाथी की मौत हो गई। उसका शव खून से लथपथ अवस्था में मिला। जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया। टस्कर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। वन विभाग ने चिकित्सकों के पैनल से हाथी का पोस्टमार्टम कराया। जिसके बाद हाथी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

तराई के पश्चिमी किलपुरा कंपार्टमेंट संख्या 16, जंगल की सीमा से लगे अंजनिया गांव के समीप वन कर्मी गश्त कर रहे थे। तभी उन्हें टस्कर हाथी खून से लथपथ अवस्था में दिखाई दिया। उसके आसपास भी खून फैला हुआ था। इसकी सूचना वन कर्मियों ने वन क्षेत्राधिकारी जीवन चंद्र उप्रेती को दी। जिस पर रेंजर ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी।

वन विभाग के पशु चिकित्सकों को मौके पर बुलवाया गया। जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। रेंजर उप्रेती ने बताया कि घटनास्थल को देखकर प्रतीत होता है कि टस्कर की मौत आपसी संघर्ष में हुई होगी। घटनास्थल के आसपास ऐसा ही दिखाई दे रहा है। मौत के असल कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। टस्कर के सभी अंग सुरक्षित मिले हैं। मृत नर टस्कर की उम्र 10-12 वर्ष के आसपास होने का अनुमान हैं।

पांच सालों में किलपुरा रेंज में तीन हाथियों की हो चुकी है मौत

किलपुरा रेंज में बड़ी संख्या में हाथी विचरण करते हैं। यह जंगल हाथी कॉरीडोर के नाम से जाना जाता है। पांच सालों के भीतर हाथी के मरने की यह तीसरी घटना है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पहली घटना 14 फरवरी 2018 में हुई, जिसमे आपसी संघर्ष में घायल हुए नर टस्कर की मौत हुई थी। इसके बाद 30 सितंबर 2019 को पानी में गिरने के बाद दम घुटने से एक हाथी की मौत हुई। तीसरी घटना बुधवार को हुई है।

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