कोटद्वार: पुलिंडा मार्ग पर स्कूटर के आगे धमके हाथी, बाल-बाल बचा सवार, जंगल में भाग बचाई जान

कोटद्वार-पुलिंडा मार्ग पर इन दिनों हाथी उग्र हैं। शनिवार सुबह हाथी स्कूटर पर सवार एक व्यक्ति के सामने आ गए। इस दौरान हाथी को सामने देख उक्त व्यक्ति ने स्कूटर को मौके पर छोड़ किसी तरह खुद की जान बचाई।

Photo : Google


पौड़ी गढ़वाल :
शहर कोटद्वार के पुलिंडा मार्ग पर इन दिनों हाथी उग्र हैं। आज शनिवार सुबह हाथी स्कूटर पर सवार एक व्यक्ति के सामने आ गए। हाथी को सामने देख उक्त व्यक्ति ने स्कूटर को मौके पर छोड़ किसी तरह खुद की जान बचाई। हाथियों के सड़क पर आने से करीब दो घंटे तक मार्ग पर यातायात भी बाधित रहा।

हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं टीम

ऐसे में यदि आप मार्निंग अथवा इवनिंग वाक पर इस ओर जा रहे हैं तो जरा संभल कर जाइए। हाथी जंगल से निकल कर कब मुंह के सामने आकर खड़े हो जाएं, कहा नहीं जा सकता। हालांकि, लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। लेकिन, वन कर्मी आमजन को उन क्षेत्रों में जाने से नहीं रोक रहे, जहां हाथियों की आवाजाही अधिक है।

हाथियों ने स्कूटर को तोड़ झाड़ियों में फेंक दिया

जानकारी मुताबिक, आज शनिवार सुबह पुलिंडा से कोटद्वार की ओर आ रहे एक स्कूटर सवार के सामने हाथियों का झुंड आ धमका। मुंह के सामने हाथियों को खड़ा देख स्कूटर सवार स्कूटर को मौके पर छोड़ जंगल की ओर भाग गया। इधर, हाथियों ने स्कूटर को तोड़ झाड़ियों में फेंक दिया। हाथी करीब दो घंटे तक सड़क में ही डटे रहे। इधर, सूचना मिलते ही लैंसडौन वन प्रभाग से वन दरोगा कुलदीप, संजय नेगी, अनूप व चंदन मौके पर पहुंचे और पटाखे फोड़कर हाथियों को सड़क से जंगल की ओर खदेड़ा। वन कर्मियों ने बताया कि इस मार्ग पर लगातार हाथियों की आवाजाही है। उनकी ओर से लगातार वाहन चालकों को आगाह भी किया जा रहा है।

पुलिस कर्मियों को बंधाया बंधक

हाथियों ने बीती रात सिद्धबली मंदिर के समीप पुलिस की तिलवाढांग चैक पोस्ट में पुलिस कर्मियों को करीब एक घंटे तक बंधक बनाए रखा। हाथी चौकी के भीतर घुस गए। पुलिस कर्मियों ने कमरे के भीतर दुबक खुद की जान बचाई। करीब एक घंटे बाद हाथी स्वयं ही चौकी से बाहर निकलकर जंगल की ओर चले गए।

‘हाथी के उग्र व्यवहार को देखते हुए पुलिंडा मार्ग पर जाने वाले व्यक्तियों को लगातार चेतावनी दी जा रही है। एसओजी टीम को हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है। -अजय ध्यानी, वन क्षेत्राधिकारी, कोटद्वार रेंज, लैंसडौन वन प्रभाग’

Post a Comment

0 Comments