देवभूमि उत्तराखंड में दर्दनाक सड़क दुघर्टनाओं का तांडव जारी है। दर्दनाक सड़क हादसे की एक दुखद खबर अभी अभी राज्य के चमोली जिले से सामने आ रही है जहां जोशीमठ ब्लाक के पल्ला जखोला मोटर मार्ग पर एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में समा गया है।
उत्तराखंड : जनपद चमोली से एक बड़ी दुःखद ख़बर सामने आई है। आज शुक्रवार को जोशीमठ ब्लॉक के पल्ला जखोला मोटर मार्ग पर वाहन दुर्घटना में वाहन में सवार 10 से 12 लोगों के मरने की सूचना है। बताया जा रहा है कि वाहन जोशीमठ से किमाणा की ओर जा रहा था। फिलहाल हादसे के कारणों के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है।
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प्राप्त जानकारी मुताबिक, पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। हादसे को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
इस मार्ग पर अभी वाहनों के संचालन की अनुमति नहीं
जिस स्थल पर वाहन अनियंत्रित होकर खाई में समाया वहां सड़क खस्ताहाल थी। परिवहन विभाग ने इस मार्ग पर अभी वाहनों के संचालन की अनुमति नहीं दी है। इसका कुछ हिस्सा निर्माणाधी है। यह वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले चेक पोस्ट से होकर गुजरा लेकिन कहीं पर भी उसे नहीं रोका गया। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए हादसे को दो दो लाख रुपये मृतकों आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं।
जनपद चमोली की जोशीमठ तहसील के अन्तर्गत उर्गम पला जखोला मार्ग पर एक वाहन के गहरी खाई में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त होने का दुर्भाग्यपूर्ण समाचार प्राप्त हुआ है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) November 18, 2022
दुर्घटनास्थल पर बरसाती नाले के कारण सड़क का हिस्सा कच्चा और पथरीला था। वहीं सूचना मिलते ही एसडीआरएफ रेस्क्यू करने घटनास्थल पहुंच गई है।वहीं, एआरटीओ के मुताबिक वाहन के कागज सही पाए गए। रोड़ पास नही है।
ऋषिकेश: गंगा तट पर मिला नवजात का शव
मुनिकीरेती क्षेत्र के गंगा तट पर पक्के घाट में पुलिस को एक नवजात शिशु का शव मिला है। पुलिस आसपास स्थित नर्सिंग होम से दो दिन के भीतर जन्म लेने वाले बच्चों की जानकारी ले रही है। थाना प्रभारी निरीक्षक मुनिकीरेती रितेश शाह ने बताया कि गुरुवार देर शाम शीशम झाड़ी के समीप राधे घाट पर एक नवजात शिशु का शव मिला।
प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि नवजात का जन्म 48 घंटे के भीतर हुआ है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश और आसपास क्षेत्र में जितने भी सरकारी और गैर सरकारी नर्सिंग होम हैं वहां से 48 घंटे के भीतर जन्म लेने वाले शिशुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।


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