उत्तराखंड: देश का पहला कार्टोग्राफिक म्यूजियम तैयार, गढ़वाल के हिल स्टेशन पर बनाया गया, जल्द होगा शुरू

उत्तराखंड के मसूरी में देश का पहला मानचित्रकला म्यूजियम बनकर तैयार है। यहां पर घूमने आने वाले लोगों को कई तरह की तथ्यपरक जानकारी भी मिल सकेगी, जिसको वो जानते तक नहीं हैं। इसके जल्द ही पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।


उत्तराखंड: पहाड़ो की रानी मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट हाउस में देश का पहला कार्टोग्राफिक (मानचित्रकला) म्यूजियम बनाया गया है। इस म्यूजियम में माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई नापने वाले सर जॉर्ज एवरेस्ट के संग्रह पत्रों और अभिलेखों का दीदार पर्यटक कर सकेंगे। साथ ही सर्वे से संबंधित कई तथ्यपरक जानकारी भी पर्यटकों को मिल सकेगी।

प्राप्त जानकारी मुताबिक, जॉर्ज एवरेस्ट हाउस में बने इस कार्टोग्राफिक म्यूजियम को इसी माह के मध्य तक पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है। इस म्यूजियम में सर जॉर्ज एवरेस्ट के साथ ही सर्वेयर नैन सिंह रावत के पत्रों को भी रखा जाएगा। साथ ही सर्वेयर किशन सिंह नेगी, गणितज्ञ राधानाथ सिकंदर की ऑब्जर्वेटरी से भी यहां आने वाले लोग रूबरू हो सकेंगे।

4.55 करोड़ की लागत आई

उत्तराखंड पर्यटन संरचना विकास निवेश कार्यक्रम के तहत जॉर्ज एवरेस्ट हाउस में इस म्यूजियम को तैयार किया गया है। म्यूजियम पर लगभग 4.55 करोड़ रुप/s खर्च हुए हैं, जिसे एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा बनाया गया है। जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान के अनुसार, इस म्यूजियम में पर्यटकों को सर्वे की कई तथ्यपरक जानकारी मिलेंगी। बताया कि नगर पालिका की ओर से एक सड़क पर काम जारी है, जो 15 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद यह म्यूजियम पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

कार्टोग्राफिक म्यूजियम में पर्यटक जीपीएस की कार्यप्रणाली भी जान सकेंगे। इसके लिए यहां ग्लोब तैयार किया गया है। स्क्रीन पर स्थान खोजते ही ग्लोब पर जगह दिख जाएगी। सैटेलाइट कैसे काम करते हैं, उनमें जीपीएस और संचार प्रणाली कैसे ऑपरेट की जाती है, इसकी जानकारी भी मिल जाएगी। प्रोजेक्ट आर्किटेक्ट हरेंद्र चौहान के अनुसार, इस म्यूजिक को आधुनिक तकनीक से बनाया गया है। पर्यटक जिस उपकरण के सामने खड़े होंगे, उसकी पूरी जानकारी डिस्प्ले हो जाएगी, जिसे विशेष साफ्टवेयर के जरिए चलाया जाएगा। क्यूआर कोड स्कैन करते ही मोबाइल पर जानकारी मिलेगी।

क्या होता है कार्टोग्राफिक

कार्टोग्राफिक यानी मानचित्र कला मुख्यता मानचित्र और विभिन्न संबंधित उपकरणों की रचना इनके सिद्धांतों और विधियों के ज्ञान और अध्ययन करने को ही कार्टोग्राफिक कहते हैं।

Post a Comment

0 Comments