उत्तराखंड मूल की मशहूर पत्रकार मीनाक्षी कंडवाल का एक विडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। विडियो में मीनाक्षी कातंरा फिल्म की कहानी का जिक्र करते हुए कहती हैं।
उत्तराखंड मूल की मशहूर पत्रकार मीनाक्षी कंडवाल का एक विडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। विडियो में मीनाक्षी कातंरा फिल्म की कहानी का जिक्र करते हुए कहती हैं। कि जो इस फिल्म में दिखाया गया है, उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लोग सदियों से इन परम्पराओं का हिस्सा रहे हैं। ग्राम देवता, कुल देवता, स्थान देवता और वन देवता उत्तराखंड की लोक परंपराओं का अभिन्न अंग रहे हैं, लेकिन कहीं न कहीं यहां के लोगों ने ही अपनी देव परंपराओं को बिसरा दिया है।
यहां के लोगों द्वारा ही अपनी प्राचीनतम लोक संस्कृति का मजाक उड़ाया जा रहा है। देव देवताओं का सम्मान न कर यहां के वाशिंदे स्वयं स्थानीय देवी देवताओं, लोक परम्पराओं का मजाक उड़ा रहे हैं। वह कहती हैं कि कातरा फिल्म में जैसे देवी अवतार को दिखाया गया वैसे ही उत्तराखंड में लोक देवताओं का अवतरण होता है जिन पर लोगों की अपनी आस्था होती है तो उस पर भी एक फिल्म बन सकती थी।
मीनाक्षी कहती हैं कि कातरा फिल्म में ऋषभ शेट्टी ने अपनी लोक कथाओं-परंपराओं को खूबसूरती से पर्दे पर उतारा है, लेकिन उत्तराखंड में ऐसा कभी नहीं हुआ। हमें ऋषभ शेट्टी से सीख लेनी चाहिए। वह आगे कहती हैं कि कांतारा जैसी फिल्म उत्तराखंड में भी बनाई जा सकती थी, लेकिन वास्तविकता ये है कि हमने स्वयं यहां की लोक परंपराओं को हासिए पर धकेल दिया है।
यही कारण है कि इन लोक परम्पराओं को अब लोगों द्वारा अंधविश्वास के नजरिए से देखा जाने लगा है जबकि कातंरा फिल्म में ऋषभ शेट्टी द्वारा गांव के उन लोक देवताओं की बात की गई है, जो आज भी अपने लोगों की रक्षा करते हैं। वह कहती हैं कि ये कोई अंधविश्वास नहीं है, उत्तराखण्ड के लोगों ने सदियों से अपना जीवन इन लोक परम्पराओं को आधार मानकर ही जिया है।
ऋषभ की क्रिएटिविटी को सलाम करते हुए मीनाक्षी ने इस फिल्म के लिए उनकी बेहद तारीफ की है। बता दें कि 16 करोड़ में बनी कातंरा फिल्म ने इन दिनों बाक्स आफिस में धमाल मचा रखा है। कई अन्य वालीवुड फिल्मों को कड़ी टक्कर देते हुए इस फिल्म ने अभी तक 400 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।
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