उत्तराखंड में न्यू इयर पर नैनीताल और मसूरी में होटल बुकिंग वाले पर्यटकों को ही जाने की परमिशन दी जाएगी। पुलिस को निर्देश है कि पर्यटकों के साथ मित्र पुलिस की व्यवहार करें और हुड़दंगियों से सख्ती से निपटा जाए।
उत्तराखंड: अगर आप इस New Year 2023 पर उत्तराखंड के वादियों में आने का प्लान कर रहे है, तो ये खबर आपके लिए खास है। आपको बता दें, न्यू इयर के जश्न के लिए उत्तराखंड पूरी तरह से तैयार है। प्रदेश के अधिकतर पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ जुटने लग गई है। जिसके लिए पहले से भी बुकिंग हो चुकी है।
New Year 2023 ऐसे में उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गई है। पुलिस को साफ निर्देश दिए गए है कि पर्यटकों के साथ मित्र पुलिस की व्यवहार करें और हुड़दंगियों से सख्ती से निपटा जाए। इस बीच प्रदेश के न्यू इयर के लिहाज से सबसे हॉट स्पॉट नैनीताल और मसूरी में होटल बुकिंग वाले पर्यटकों को ही जाने की परमिशन दी जाएगी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, डीजीपी अशोक कुमार ने नववर्ष की तैयारियों और सुरक्षा को लेकर देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल के अधिकारियों के साथ यातायात व्यवस्था के सम्बन्ध में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि नववर्ष के जश्न के लिए प्रदेश के सभी पर्यटक स्थलों में आने लगे हैं। पर्यटकों के साथ मित्र पुलिस की तरह व्यवहार करें। पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों की सुविधा के अनुसार ट्रैफिक प्लान बनाए जाएं। भीड़ को देखते हुए पहले ही अतिरिक्त पार्किंग स्थलों, रूट डायवर्जन आदि की तैयारी कर लें और आम जन को इसकी समय से सूचना दें ताकि यातायात व्यवस्था बनी रहे और जनता को असुविधा न हो।
डीजीपी अशोक कुमार ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि यातायात प्रबन्धन के लिए देहरादून, हरिद्वार से ऋषिकेश एवं मसूरी में अतिरिक्त यातायात कर्मी एवं हॉक मोबाइल तैनात किये जाएं। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि होटल बुकिंग वाले पर्यटकों को ही नैनीताल एवं मसूरी की ओर जाने दिया जाए। पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल एवं देहरादून आपसी समन्वय से डायवर्जन प्लान तैयार करें।
साथ ही यातायात व्यवस्था को लेकर जारी यातायात प्लान की जानकारी आम जन को समय से दे दी जाए। यातायात प्लान का मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाए। यातायात व्यवस्था के लिए घुड़सवार पुलिस, सीपीयू यूनिट, क्रेन यूनिट का भी उपयोग किया जाए। जाम की समस्या से निपटने के लिए डायवर्जन एवं वन-वे प्लान तैयार कर लें। नो-पार्किंग में खड़े वाहनों पर टोइंग और क्लैंपिंग की कार्यवाही की जाए।
जश्न के नाम पर हुड़दंग करने वालों, ओवर स्पीड एवं नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। अपने क्षेत्र की सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी सम्बन्धित थाना/चौकी प्रभारी की भी होगी। इस बीच सोशल मीडिया में उत्तराखंड पुलिस की और से जारी किया गए एक मैसेज जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें संदेश देते हुए कहा गया है कि अगर हुडदंग मचाई तो लॉकअप से ही नए साल का नजारा दिखाया जाएगा।


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