उत्तराखंड सरकार का आकस्मिक निधन हो गया है. अत: सरकार द्वारा ये निर्णय लिया गया है कि जिस जिले में उनकी अंत्येष्टि होगी, उस दिन वहां प्रदेश सरकार के कार्यालय बंद रहेंगे.
उत्तराखंड: राज्य आंदोलनकारी पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का मंगलवार को उनके हरिद्वार आवास पर निधन हो गया था. आज बुधवार को उनकी अंत्येष्टि हरिद्वार में की जानी है. आज कैबिनेट की बैठक में दिवाकर भट्ट के निधन पर शोक जताते हुए 2 मिनट का मौन रखा गया. इसके साथ ही हरिद्वार में दिवाकर भट्ट का अंतिम संस्कार होने के चलते जिले के सभी सरकारी दफ्तर आज बंद रहेंगे.
उत्तराखंड शासन के अपर सचिव महावीर सिंह चौहान द्वारा जारी आदेश पत्र में कहा गया है कि- 'दिवाकर भट्ट पूर्व कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार का आकस्मिक निधन हो गया है. अत: सरकार द्वारा ये निर्णय लिया गया है कि जिस जिले में उनकी अंत्येष्टि होगी, उस दिन वहां प्रदेश सरकार के कार्यालय बंद रहेंगे. चूंकि दिवाकर भट्ट की अंत्येष्टि जनपद हरिद्वार में की जा रही है. अत: जनपद हरिद्वार में अंत्येष्टि के दिन प्रदेश सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे. अंत्येष्टि पुलिस सम्मान के साथ होगी.
रतलब है कि उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और राज्य आंदोलनकारी रहे उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता दिवाकर भट्ट का मंगलवार को निधन हो गया था. लंबी बीमारी के बाद उन्होंने हरिद्वार में अपने आवास पर अंतिम सांस ली. वे पिछले कुछ दिनों से देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में भर्ती थे. आज 26 नवंबर को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार हो रहा है.
दिवाकर भट्ट को राज्य आंदोलन के दौरान सबसे आक्रामक और समर्पित नेताओं में माना जाता था. वो उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष रहे. उत्तराखंड आंदोलन के दौरान उन्हें फील्ड मार्शल कहा गया.
दिवाकर भट्ट उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक सदस्यों में प्रमुख नेता थे. भट्ट उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान प्रमुख नेता के रूप में शामिल रहे. उनका जन्म भारत की आजादी से एक साल पहले 1946 में हुआ था. दिवाकर भट्ट ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण साल उत्तराखंड राज्य आंदोलन के लिए लगा दिये.


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