चमोली में ग्लेशियर के टूटने से आई आपदा में कई लोगों की जान चली गई है। इस आपदा के दो महीने बाद भी मरने वाले लोगों के शव मिलने का सिलसिला लगातार जारी है।
उत्तराखंड : चमोली में ग्लेशियर के टूटने से आई आपदा में कई लोगों की जान चली गई है। इस आपदा के दो महीने बाद भी मरने वाले लोगों के शव मिलने का सिलसिला लगातार जारी है, तपोवन जल विद्युत परियोजना के बैराज स्थल से बीते शनिवार को एक और शव बरामद किया गया, जिससे इस त्रासदी में मारे गए लोगों की संख्या 80 हो गई है।
प्राप्त जानकारी मुताबिक़, चमोली जिला आपदा नियंत्रण कक्ष ने बीते शनिवार को बताया कि बचाव दलों ने एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना के बैराज स्थल से एक और शव बरामद किया। चमोली ज़िला आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार, तपोवन सुरंग से शुक्रवार को भी एक शव बरामद किया गया था।
चमोली आपदा में लापता लोगों की खोजबीन लगातार जारी है। बीते दिन देर सांय टनल से 1 और शव बरामद हुआ। जिसकी शिनाख्त कल्याण सिंह पुत्र कल सिंह उम्र 29 वर्ष, निवासी कालसी देहरादून के रूप मे हुई है।आपदा में लापता 204 लोगों में से अब तक 79 लोगों के शव और 35 मानव अंग बरामद किए जा चुके है। pic.twitter.com/9fWpcnuWJw
— DD NEWS UTTARAKHAND (@DDnews_dehradun) April 17, 2021
7 फरवरी को हिल गया था चमोली
सात फरवरी को सुबह चमोली जिले की ऋषिगंगा घाटी में ग्लेशियर के टूटने से बाढ़ आ गई थी। पानी का बहाव इतनी तेज था. कि सबकुछ अपने साथ बहाकर ले गया। जिस समय बाढ़ आई उस समय तपोवन सुरंग में कर्मचारी काम कर रहे थे। इस बाढ़ में काम कर रहे कई लोगों की मौत हो गई थी। राहत और बचाव कार्य कई दिनों तक चलाया गया था। बाढ़ के कारण 13.2 मेगावाट ऋषिगंगा जलविद्युत प्रोजेक्ट पूरी तरह बर्बाद हो गया। जबकि तपोवन विष्णुगाड को भारी क्षति पहुंची थी।

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