Chardham Yatra 2021 : तीर्थयात्रियों के लिए ई-पास की बाध्यता खत्म, साथ लाएं ये दस्तावेज, पढ़े पूरी जानकारी

बाहरी राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। जबकि उत्तराखंड के निवासियों को यात्रा पर जाने के लिए स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण की जरूरत नहीं है।


उत्तराखंड हाईकोर्ट से मंगलवार को चारधाम यात्रा में असीमित तीर्थयात्रियों के प्रवेश का आदेश जारी होने के बाद शासन ने चारधाम यात्रा की संशोधित मानक प्रचालन विधि (एसओपी) जारी कर दी। इसके तहत अब चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को ई-पास की जरूरत नहीं होगी। बाहरी राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों को केवल देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।

सचिव हरिश्चंद्र सेमवाल की ओर से जारी एसओपी के मुतबिक, बाहरी राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। जबकि उत्तराखंड के निवासियों को यात्रा पर जाने के लिए स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण की जरूरत नहीं है।

पूर्व में न्यायालय ने चारधाम में दर्शन के लिए यात्रियों की संख्या नियत की थी। इसे देखते हुए चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की ओर से ई-पास जारी किए जा रहे थे। अब जबकि न्यायालय ने संख्या निर्धारण की शर्त हटा दी है तो शासन ने भी यात्रा के लिए एसओपी में संशोधन किया है। एसओपी के मुताबिक सभी तीर्थयात्रियों को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगने के 15 दिन बाद का प्रमाण पत्र दिखाने पर चारधाम यात्रा की अनुमति मिलेगी। अगर किसी यात्री ने एक डोज लगवाई है या कोई डोज नहीं लगवाई है तो उन्हें 72 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर कोविड निगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही दर्शन की अनुमति मिलेगी।

प्रदेश के भीतर के व्यक्तियों के लिए देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। एसओपी के मुताबिक कोविड प्रोटोकाल के मद्देनजर सुरक्षित शारीरिक दूरी के मानकों का पालन करते हुए धामों में दर्शन की अनुमति दी जाएगी।एसओपी में यह भी साफ किया गया है कि भले ही यात्रियों की बंदिश हाईकोर्ट ने हटा दी हो लेकिन धामों की कोविड वहन क्षमता के तहत ही दर्शन की अनुमति दी जाएगी। इसमें सामाजिक दूरी छह फीट के मानदंडों का पालन अनिवार्य होगा।

एसओपी में यह भी कहा गया है कि अगर चारधाम यात्रा जांच के दौरान कोई तीर्थयात्री संक्रमित मिलता है तो उसे संबंधित परीक्षण केंद्र या अस्पताल में कोविड-19 जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद लक्षणों की गंभीरता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रोटोकॉल के तहत उस मरीज को आगे रेफर किया जाएगा। यात्रा के लिए शेष प्रविधान वही रखे गए हैं, जो 17 सितंबर को जारी एसओपी में थे।

कोविड नियमों का पालन कर आएं उत्तराखंड: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देशभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की कि वे कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए उत्तराखंड आएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालु कोविड गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए चार धाम के लिए जारी एसओपी का पूरा पालन करें। यात्रा पर निकलने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज और कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट को साथ लाएं। कहा कि सरकार का प्रयास है कि यात्रा भी चलती रहे और यात्रियों की सुरक्षा भी बनी रहे।

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